परचेज़ साइकल — ऑर्डर से बिल तक
बिष्ट जी फ़ोन पर चिंतित लग रहे थे। "हल्दी का स्टॉक कम हो रहा है। दिवाली का सीज़न आ रहा है और ऑर्डर्स की बाढ़ है। हमें दिल्ली से 500 kg कच्ची हल्दी चाहिए। और जोधपुर से 200 kg जीरा। क्या आज ऑर्डर कर सकते हो?"
मीरा ने नेगी भैया की तरफ़ देखा। उन्होंने सिर हिलाया। "अब तुम परचेज़ साइकल सीखोगी। सेल्स में पैसा अंदर आता है। परचेज़ेज़ में पैसा बाहर जाता है। आइडिया वही है, डायरेक्शन उल्टी।"
शर्मा सर ने जोड़ा, "और परचेज़ेज़ में एक एक्स्ट्रा चीज़ है जो सेल्स में नहीं — TDS। टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स। जब बिष्ट जी कुछ वेंडर्स को पे करते हैं, तो उन्हें एक छोटा परसेंटेज काटकर सरकार को भेजना होता है। सॉफ़्टवेयर सँभालता है, लेकिन तुम्हें समझना होगा क्यों।"
मीरा ने ERPLite खोला। परचेज़ सेक्शन तैयार था।
परचेज़ साइकल — एक ओवरव्यू
जैसे सेल्स साइकल के चरण होते हैं, परचेज़ साइकल भी एक सीक्वेंस पालन करता है।
तुम्हें माल या सेवा चाहिए
↓
तुम आपूर्तिकर्ता को परचेज़ ऑर्डर भेजते हो
↓
आपूर्तिकर्ता माल डिलीवर करता है
↓
आपूर्तिकर्ता बिल (इनवॉइस) भेजता है
↓
तुम बिल वेरिफ़ाई करके दर्ज करते हो
↓
तुम पेमेंट करते हो (कभी-कभी TDS काटकर)
चरण एक टेबल में:
| चरण | डॉक्यूमेंट | मकसद |
|---|---|---|
| 1 | परचेज़ ऑर्डर (PO) | फ़ॉर्मल रिक्वेस्ट — "हम ये आइटम्स इन दामेज़ पर खरीदना चाहते हैं" |
| 2 | परचेज़ बिल | आपूर्तिकर्ता के इनवॉइस का रिकॉर्ड — "उन्होंने डिलीवर किया, ये रहा बिल" |
| 3 | पेमेंट | आपूर्तिकर्ता को पे करना — "ये रहा पैसा" |
इसे घर के लिए सामान मँगवाने जैसे समझो:
- तुम दुकानदार को कॉल करो और कहो "10 kg चावल और 5 kg दाल भेज दो" — ये है परचेज़ ऑर्डर
- दुकानदार डिलीवर करता है और बिल देता है — ये है परचेज़ बिल
- तुम दुकानदार को पे करते हो — ये है पेमेंट
चलो मीरा के साथ बिष्ट जी का दिल्ली से कच्ची हल्दी का ऑर्डर करते हैं।
चरण 1: परचेज़ ऑर्डर — ऑर्डर करना
मीरा ने ट्रांज़ैक्शंस → परचेज़ → परचेज़ ऑर्डर → न्यू पर क्लिक किया।

| फ़ील्ड | वैल्यू |
|---|---|
| PO नंबर | PO-2025-015 (ऑटो-जेनरेटेड) |
| डेट | 01-08-2025 |
| वेंडर | Delhi Spice Suppliers Pvt Ltd |
| अपेक्षित डिलीवरी डेट | 10-08-2025 |
आइटम लाइन्स:
| आइटम | Qty | रेट (Rs./kg) | अमाउंट (Rs.) |
|---|---|---|---|
| Turmeric (Raw) | 500 kg | 120 | 60,000 |
चूँकि ये इंटर-स्टेट परचेज़ है (वेंडर दिल्ली में, बायर उत्तराखंड में), GST IGST होगा:
| अमाउंट (Rs.) | |
|---|---|
| सब-कुल | 60,000 |
| IGST @ 5% | 3,000 |
| ग्रैंड कुल | 63,000 |
मीरा ने सेव पर क्लिक किया।
ज़रूरी बात: सेल्स में प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस की तरह, परचेज़ ऑर्डर भी GL एंट्रीज़ नहीं बनाता। ये एक योजना डॉक्यूमेंट है। परचेज़ बिल रिकॉर्ड होने तक अकाउंट्स पर कोई असर नहीं पड़ता।
"खरीदने से पहले हमेशा PO बनाओ," नेगी भैया ने कहा। "इसके दो फ़ायदे हैं। पहला, वेंडर को पता होता है कि तुम्हें एग्ज़ैक्टली क्या चाहिए — कोई कन्फ़्इस्तेमालन नहीं। दूसरा, जब बिल आए, तो तुम उसे PO से तुलना कर सकते हो। अगर वेंडर अलग दाम लगाए या अलग क्वांटिटी भेजे, तो तुम तुरंत पकड़ लो।"
मीरा ने PO प्रिंट किया और बिष्ट जी ने साइन किया। उन्होंने Delhi Spice Suppliers को ईमेल कर दिया।

चरण 2: परचेज़ बिल — आपूर्तिकर्ता के इनवॉइस को दर्ज करना
दस दिन बाद, हल्दी आ गई। दिल्ली से डिलीवरी ट्रक 500 kg कच्ची हल्दी लेकर आया। माल के साथ, ड्राइवर ने आपूर्तिकर्ता का टैक्स इनवॉइस भी दिया — बिल No. DSPL/2025/1056, तारीख 10-08-2025।
बिष्ट जी की वेयरहाउस टीम ने माल चेक किया:
- क्वांटिटी: 500 kg — PO से मैच करता है
- गुणवत्ता: अच्छी — कोई डैमेज नहीं, कोई नमी नहीं
- रेट: Rs. 120/kg — PO से मैच करता है
सब कुछ मैच कर रहा था। अब मीरा को ये बिल ERPLite में दर्ज करना था।
उसने PO-2025-015 खोला और कन्वर्ट टू परचेज़ बिल पर क्लिक किया।

ERPLite ने PO से ब्योरा अपने आप भर दीं। मीरा ने आपूर्तिकर्ता के बिल की ब्योरा डालीं:
| फ़ील्ड | वैल्यू |
|---|---|
| बिल नंबर इन ERPLite | PB-2025-022 (ऑटो-जेनरेटेड — इंटरनल रेफ़रेंस) |
| आपूर्तिकर्ता का बिल नंबर | DSPL/2025/1056 (वेंडर इसे क्या कहता है) |
| बिल डेट | 10-08-2025 |
| वेंडर | Delhi Spice Suppliers Pvt Ltd |
"दो नंबर क्यों?" मीरा ने पूछा।
"आपूर्तिकर्ता का अपना नंबरिंग सिस्टम होता है," नेगी भैया ने समझाया। "DSPL/2025/1056 उनका इनवॉइस नंबर है। PB-2025-022 हमारा इंटरनल रेफ़रेंस है। दोनों चाहिए — हमारा अपने रिकॉर्ड के लिए, उनका GST रिटर्न से मैचिंग के लिए।"
आइटम लाइन्स:
| आइटम | HSN | Qty | रेट | अमाउंट | IGST 5% | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Turmeric (Raw) | 0910 30 30 | 500 kg | 120 | 60,000 | 3,000 | 63,000 |
मीरा ने सब समीक्षा किया। उसने सेव ऐज़ ड्राफ़्ट पर क्लिक किया।
नेगी भैया ने बिल की PO से तुलना की। क्वांटिटीज़ मैच। रेट्स मैच। उन्होंने अप्रूव ऐंड पोस्ट पर क्लिक किया।
अपने आप बनी GL एंट्री:
| अकाउंट | डेबिट (Rs.) | क्रेडिट (Rs.) |
|---|---|---|
| परचेज़ — रॉ स्पाइसेज़ | 60,000 | |
| IGST इनपुट क्रेडिट | 3,000 | |
| ट्रेड पेएबल्स — Delhi Spice Suppliers | 63,000 |
चलो हर लाइन समझते हैं:
-
परचेज़ बढ़ा (डेबिट): हमने Rs. 60,000 का माल खरीदा। ये एक ख़र्चा है (लागत ऑफ गुड्स)।
-
IGST इनपुट क्रेडिट बढ़ा (डेबिट): हमने इस परचेज़ पर Rs. 3,000 IGST पे किया। लेकिन ये पैसा हम गँवाते नहीं — हम इसे इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के रूप में क्लेम कर सकते हैं। ये हमारे ग्राहकों से कलेक्ट किए GST से ऑफसेट होता है। इसे ऐसे समझो "GST जो हम पहले ही पे कर चुके — सरकार को हमें ये वापस देना है।" ये हमारी बुक्स में एक एसेट है।
-
ट्रेड पेएबल्स बढ़ा (क्रेडिट): हम वेंडर को Rs. 63,000 देना है। ये एक लायबिलिटी है — पैसा जो हमें पे करना है।
"सेल्स इनवॉइस से फ़र्क देखो," शर्मा सर ने कहा। "सेल्स में, GST, पेएबल (लायबिलिटी — हम सरकार को देना है) में गया। परचेज़ेज़ में, GST, इनपुट क्रेडिट (एसेट — सरकार हमें देना है) में गया। दोनों एक-दूसरे से ऑफसेट होते हैं। यही GST की पूरी बुद्धिमत्ता है।"

चरण 3: पेमेंट — वेंडर को पे करना
आपूर्तिकर्ता की पेमेंट टर्म्स 45 दिन हैं। लेकिन बिष्ट जी अच्छे रिश्ते बनाए रखने के लिए जल्दी पे करना चाहते हैं। उन्होंने 25 अगस्त को पे करने का फ़ैसला किया — माल मिलने के सिर्फ़ 15 दिन बाद।
यहाँ एक नई चीज़ आती है — TDS।
TDS क्या है?
TDS का पूरा नाम है टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स। ये आमदनी टैक्स कलेक्ट करने का एक तरीका है।
सीधी भाषा में: जब बिष्ट जी आपूर्तिकर्ता को Rs. 63,000 पे करते हैं, तो सरकार कहती है — "रुको। पूरा अमाउंट पे करने से पहले, एक छोटा परसेंटेज काटकर हमें भेजो। आपूर्तिकर्ता को बाकी मिलेगा। जब आपूर्तिकर्ता अपना आमदनी टैक्स रिटर्न फ़ाइल करेगा, तो वो इस अमाउंट का क्रेडिट क्लेम कर सकता है।"
"इसे ऐसे समझो," शर्मा सर ने कहा। "जब तुम्हारे स्कूल ने Rs. 1,000 की स्कॉलरशिप दी लेकिन Rs. 100 स्कूल फ़ंड के लिए काट लिया, तो तुम्हें Rs. 900 हाथ में मिले। लेकिन तुम अभी भी कह सकती हो 'मेरी स्कॉलरशिप Rs. 1,000 की थी।' TDS ऐसा ही है — वेंडर का बिल Rs. 63,000 का है लेकिन उन्हें कम मिलता है क्योंकि कुछ टैक्स पहले ही काट लिया गया।"
TDS कब लागू होता है?
TDS कुछ सिचुएशंस में लागू होता है। परचेज़ेज़ के लिए, सबसे आम सेक्शन है सेक्शन 194Q — माल की खरीद पर TDS। ये तब लागू होता है जब:
- बायर का पिछले साल का कुल टर्नओवर Rs. 10 करोड़ से ज़्यादा हो, और
- एक ही वेंडर से चालू साल में परचेज़ेज़ Rs. 50 लाख से ज़्यादा हो
हमारे उदाहरण में, मान लो बिष्ट जी की Delhi Spice Suppliers से इस साल की परचेज़ेज़ Rs. 50 लाख पार कर चुकी हैं, तो TDS लागू होगा।
सेक्शन 194Q के तहत TDS रेट है 0.1% परचेज़ अमाउंट (GST छोड़कर) पर।
TDS गणना:
| अमाउंट (Rs.) | |
|---|---|
| बिल अमाउंट (GST सहित) | 63,000 |
| जिस अमाउंट पर TDS गणना होगा (GST छोड़कर) | 60,000 |
| TDS @ 0.1% of Rs. 60,000 | 60 |
| वेंडर को पेएबल अमाउंट | 62,940 |
| सरकार को जमा करना है TDS | 60 |
वेंडर को Rs. 63,000 की जगह Rs. 62,940 मिलते हैं। बाकी Rs. 60 बिष्ट जी, वेंडर की तरफ़ से आमदनी टैक्स डिपार्टमेंट को जमा करते हैं।
ERPLite में पेमेंट दर्ज करना
मीरा ने ट्रांज़ैक्शंस → परचेज़ → पेमेंट → न्यू पर क्लिक किया।

| फ़ील्ड | वैल्यू |
|---|---|
| डेट | 25-08-2025 |
| वेंडर | Delhi Spice Suppliers Pvt Ltd |
| बिल रेफ़रेंस | PB-2025-022 / DSPL/2025/1056 |
| बिल अमाउंट | Rs. 63,000 |
| TDS एप्लिकेबल? | Yes |
| TDS सेक्शन | 194Q — माल की खरीद |
| TDS रेट | 0.1% |
| TDS अमाउंट | Rs. 60 (ERPLite ने ऑटो-गणना किया) |
| नेट पेमेंट | Rs. 62,940 |
| पेमेंट मोड | बैंक ट्रांसफ़र (NEFT) |
| बैंक अकाउंट | SBI Haldwani |
ERPLite ने TDS अपने आप गणना किया। मीरा को बस पुष्टि करना था कि सही है।
उसने सेव ऐज़ ड्राफ़्ट पर क्लिक किया। नेगी भैया ने समीक्षा किया और पोस्ट कर दिया।
पेमेंट की GL एंट्री:
| अकाउंट | डेबिट (Rs.) | क्रेडिट (Rs.) |
|---|---|---|
| ट्रेड पेएबल्स — Delhi Spice Suppliers | 63,000 | |
| बैंक अकाउंट — SBI Haldwani | 62,940 | |
| TDS पेएबल — सेक्शन 194Q | 60 |
चलो समझते हैं:
-
ट्रेड पेएबल्स घटा (डेबिट): अब हम वेंडर को कुछ नहीं देना। लायबिलिटी साफ़ हो गई।
-
बैंक घटा (क्रेडिट): Rs. 62,940 हमारे बैंक अकाउंट से निकला। ये नेट पेमेंट है।
-
TDS पेएबल बढ़ा (क्रेडिट): Rs. 60 अब एक लायबिलिटी है — ये हमें आमदनी टैक्स डिपार्टमेंट को देना है। बिष्ट जी को ये TDS ड्यू डेट (इस्तेमालुअली अगले महीने की 7 तारीख) तक जमा करना है।
"तो वेंडर को Rs. 62,940 मिलते हैं, और सरकार को Rs. 60," मीरा ने पुष्टि किया। "कुल Rs. 63,000। बिल फ़ुली सेटल।"
"बिल्कुल," शर्मा सर ने कहा। "बिष्ट जी की वेंडर के प्रति ज़िम्मेदारी पूरी। अब एक नई ज़िम्मेदारी है — TDS सरकार को जमा करना। वो मंथली करते हैं।"

पूरा परचेज़ फ़्लो — समरी
चलो शुरू से अंत तक सफ़र ट्रेस करते हैं:
| चरण | डॉक्यूमेंट | डेट | GL पर असर |
|---|---|---|---|
| 1 | परचेज़ ऑर्डर PO-2025-015 | 01-08-2025 | कोई नहीं |
| 2 | परचेज़ बिल PB-2025-022 | 10-08-2025 | परचेज़ेज़ ↑, इनपुट क्रेडिट ↑, पेएबल्स ↑ |
| 3 | पेमेंट PV-2025-030 | 25-08-2025 | पेएबल्स ↓, बैंक ↓, TDS पेएबल ↑ |
सेल्स साइकल की तरह, ERPLite परचेज़ेज़ का भी डॉक्यूमेंट ट्रेल बनाए रख करता है:
PO-2025-015 (परचेज़ ऑर्डर) → PB-2025-022 (परचेज़ बिल) → PV-2025-030 (पेमेंट)

परचेज़ ऑर्डर vs. परचेज़ बिल — जब मैच न हो
"अगर वेंडर अलग क्वांटिटी भेजे या अलग दाम लगाए तो?" मीरा ने पूछा।
असल दुनिया में ये अक्सर होता है। कुछ आम सिचुएशंस देखते हैं:
सिचुएशन 1: वेंडर कम माल भेजे
तुमने 500 kg ऑर्डर किया लेकिन सिर्फ़ 480 kg आया (20 kg कम)।
PO को परचेज़ बिल में बदलते समय, मीरा क्वांटिटी 500 से 480 कर देगी। बिल अमाउंट अपने आप एडजस्ट हो जाएगा। बाकी 20 kg PO पर "पेंडिंग" रहेगा।
सिचुएशन 2: वेंडर ज़्यादा दाम लगाए
तुमने Rs. 120/kg पर एग्री किया लेकिन वेंडर के बिल में Rs. 125/kg है।
मीरा को ये चुपचाप स्वीकार नहीं करना चाहिए। उसे नेगी भैया और बिष्ट जी को बताना चाहिए। वो:
- दाम डिफ़रेंस ख़ारिज कर सकते हैं और वेंडर से बिल रिवाइज़ कराएँ
- नया दाम स्वीकार करें (शायद मार्केट रेट बढ़ गया)
- बीच का रास्ता निकालें
जो भी तय हो, ERPLite में परचेज़ बिल फ़ाइनल एग्रीड अमाउंट से मैच होना चाहिए।
सिचुएशन 3: माल डैमेज्ड हो
20 kg हल्दी गीली आई। बिष्ट जी ख़ारिज करके वापस भेजते हैं।
मीरा परचेज़ बिल में पूरे 500 kg दर्ज करती है लेकिन फिर 20 kg (Rs. 2,400 + GST) का डेबिट नोट बनाती है। इससे वेंडर को देय अमाउंट कम हो जाता है। डेबिट नोट्स पिछले अध्याय में कवर कर चुके हैं।
| स्थिति | ERPLite में क्या करना है |
|---|---|
| कम डिलीवरी | बिल में वास्तविक मात्रा दर्ज करो |
| दाम में फ़र्क | वेंडर से डिस्कस करो; एग्रीड अमाउंट दर्ज करो |
| डैमेज्ड माल | पूरा बिल दर्ज करो, फिर रिटर्न्स के लिए डेबिट नोट बनाओ |
एक और परचेज़ — राजस्थान से
मीरा को और अभ्यास देने के लिए, नेगी भैया ने उससे जोधपुर से जीरे का ऑर्डर प्रक्रिया करवाया।
परचेज़ ऑर्डर:
| फ़ील्ड | वैल्यू |
|---|---|
| PO नंबर | PO-2025-016 |
| डेट | 01-08-2025 |
| वेंडर | Rajasthan Masala Co. (GSTIN: 08AABCR5678B1Z4) |
| आइटम | Cumin Seeds (Raw) |
| क्वांटिटी | 200 kg |
| रेट | Rs. 320/kg |
| अमाउंट | Rs. 64,000 |
| IGST @ 5% | Rs. 3,200 |
| कुल | Rs. 67,200 |
माल 12 अगस्त को आपूर्तिकर्ता के बिल — RMC/2025/445 के साथ आया।
परचेज़ बिल:
मीरा ने PO को परचेज़ बिल में कन्वर्ट किया। सब कुछ मैच था। उसने ड्राफ़्ट सेव किया। नेगी भैया ने पोस्ट किया।
GL एंट्री:
| अकाउंट | डेबिट (Rs.) | क्रेडिट (Rs.) |
|---|---|---|
| परचेज़ — रॉ स्पाइसेज़ | 64,000 | |
| IGST इनपुट क्रेडिट | 3,200 | |
| ट्रेड पेएबल्स — Rajasthan Masala Co. | 67,200 |
पेमेंट (TDS के बिना):
बिष्ट जी की Rajasthan Masala Co. से इस साल की परचेज़ेज़ Rs. 50 लाख क्रॉस नहीं हुईं। तो TDS लागू नहीं।
पेमेंट सीधी-सादी है:
| फ़ील्ड | वैल्यू |
|---|---|
| डेट | 10-09-2025 |
| वेंडर | Rajasthan Masala Co. |
| अमाउंट | Rs. 67,200 (पूरा अमाउंट, कोई TDS नहीं) |
| पेमेंट मोड | बैंक ट्रांसफ़र (NEFT) |
GL एंट्री:
| अकाउंट | डेबिट (Rs.) | क्रेडिट (Rs.) |
|---|---|---|
| ट्रेड पेएबल्स — Rajasthan Masala Co. | 67,200 | |
| बैंक अकाउंट — SBI Haldwani | 67,200 |
"फ़र्क दिखा?" नेगी भैया ने कहा। "जब TDS नहीं होता, पेमेंट सीधी है — पूरा अमाउंट वेंडर को जाता है। जब TDS होता है, एक छोटा हिस्सा सरकार को जाता है। ERPLite दोनों केसेज़ सँभालता है।"
सेल्स साइकल vs. परचेज़ साइकल — आमने-सामने
मीरा ने अब दोनों साइकल्स सीख लिए। चलो तुलना करते हैं:
| पहलू | सेल्स साइकल | परचेज़ साइकल |
|---|---|---|
| डायरेक्शन | तुम ग्राहक को बेचते हो | तुम वेंडर से खरीदते हो |
| पैसे का फ़्लो | पैसा अंदर आता है | पैसा बाहर जाता है |
| चरण 1 | प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस (विकल्पल) | परचेज़ ऑर्डर (विकल्पल) |
| चरण 2 | सेल्स ऑर्डर (विकल्पल) | — |
| चरण 3 | सेल्स इनवॉइस (अनिवार्य) | परचेज़ बिल (अनिवार्य) |
| चरण 4 | पेमेंट रिसीट | पेमेंट |
| GST ट्रीटमेंट | तुम GST कलेक्ट करते हो → पेएबल (लायबिलिटी) | तुम GST पे करते हो → इनपुट क्रेडिट (एसेट) |
| TDS | आमतौर पर लागू नहीं | लागू हो सकता है (Sec 194Q, आदि) |
| की अकाउंट | ट्रेड रिसीवेबल्स (एसेट) | ट्रेड पेएबल्स (लायबिलिटी) |
"सेल्स में, तुम माल देने वाले और पैसा लेने वाले हो," शर्मा सर ने समरी दी। "परचेज़ेज़ में, तुम माल लेने वाले और पैसा देने वाले हो। सब कुछ मिरर इमेज है।"
TDS — एक क्विक रेफ़रेंस
इस अध्याय में TDS इंट्रोड्यूस हुआ, तो पेमेंट्स पर लागू होने वाले आम TDS सेक्शंस की क्विक रेफ़रेंस टेबल:
| सेक्शन | पेमेंट का स्वरूप | TDS रेट | थ्रेशोल्ड |
|---|---|---|---|
| 194C | कॉन्ट्रैक्टर पेमेंट्स | 1% (इंडिविजुअल) / 2% (कंपनी) | Rs. 30,000 प्रति बिल या Rs. 1 लाख प्रति साल |
| 194J | पेशेवर फ़ीस | 10% | Rs. 30,000 प्रति साल |
| 194Q | माल की खरीद | 0.1% | Rs. 50 लाख प्रति साल (बायर टर्नओवर > Rs. 10 करोड़) |
| 194A | ब्याज (नॉन-बैंक) | 10% | Rs. 5,000 प्रति साल |
"TDS के बारे में बाद के अध्याय में बहुत ब्योरा से पढ़ेंगे," शर्मा सर ने कहा। "अभी बस इतना याद रखो — TDS तुम्हारा पैसा नहीं है। तुम वेंडर की पेमेंट से काटते हो और सरकार को जमा करते हो। अगर काटना भूल गए, तो तुम ज़िम्मेदार हो। अगर काटकर जमा करना भूल गए, तो मुसीबत में हो। ERPLite इन सबको ट्रैक करने में मदद करता है।"
ERPLite में, जब तुम किसी वेंडर को वेंडर मास्टर में "TDS एप्लिकेबल" मार्क करते हो, सॉफ़्टवेयर उस वेंडर को हर पेमेंट करते समय अपने आप TDS गणना करता है। तुम्हें बस सेक्शन और रेट पुष्टि करना होता है।
क्विक रीकैप
- परचेज़ साइकल के 3 चरण हैं: परचेज़ ऑर्डर → परचेज़ बिल → पेमेंट
- परचेज़ ऑर्डर वेंडर को फ़ॉर्मल रिक्वेस्ट है — ये अकाउंट्स पर कोई असर नहीं डालता
- परचेज़ बिल वेंडर के इनवॉइस को दर्ज करता है — यहाँ GL एंट्रीज़ बनती हैं (परचेज़ेज़ ↑, इनपुट क्रेडिट ↑, पेएबल्स ↑)
- पेमेंट वेंडर का बिल सेटल करती है — पेएबल्स घटते हैं, बैंक घटता है
- TDS (टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स) वेंडर की पेमेंट से काटा गया छोटा परसेंटेज है जो आमदनी टैक्स डिपार्टमेंट को जमा किया जाता है
- TDS ख़ास सिचुएशंस में लागू होता है (पेमेंट का स्वरूप, अमाउंट, और बायर के टर्नओवर पर निर्भर)
- जब TDS काटा जाता है, वेंडर को कम मिलता है, और कटी हुई रकम तुम्हारी बुक्स में TDS पेएबल लायबिलिटी बनती है
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC): परचेज़ेज़ पर पे किया GST एक एसेट है — इसे सेल्स पर कलेक्ट किए GST से ऑफसेट कर सकते हो
- डॉक्यूमेंट ट्रेल PO → बिल → पेमेंट को कनेक्ट करता है, आसान ट्रेसिंग के लिए
- हमेशा बिल की PO से तुलना करो — क्वांटिटीज़, रेट्स, और कुल्स चेक करो दर्ज करने से पहले
- ERPLite TDS ऑटो-गणना करता है जब वेंडर, वेंडर मास्टर में TDS-एप्लिकेबल मार्क हो
अभ्यास अभ्यास — ये खुद करो
बिष्ट जी हल्द्वानी के एक स्थानीय आपूर्तिकर्ता से पैकेजिंग मटीरियल खरीदना चाहते हैं।
वेंडर: Pahad Packaging Solutions, Haldwani GSTIN: 05AABPP4567C1Z8 (उत्तराखंड — सेम स्टेट) आइटम्स:
| आइटम | Qty | रेट | HSN |
|---|---|---|---|
| 1 kg Spice Pouch (printed) | 5,000 pcs | Rs. 3/pc | 3923 |
| 5 kg Spice Bag (jute) | 1,000 pcs | Rs. 15/pc | 6305 |
प्लास्टिक पाउचेज़ (3923) पर GST: 18% जूट बैग्स (6305) पर GST: 5%
टास्क्स:
-
हर आइटम का कुल अमाउंट गणना करो (GST से पहले)।
-
ये इंट्रा-स्टेट परचेज़ है (दोनों उत्तराखंड में)। हर आइटम का CGST और SGST गणना करो।
-
परचेज़ बिल का ग्रैंड कुल क्या होगा?
-
परचेज़ बिल की GL एंट्री लिखो। (हिंट: GST इनपुट क्रेडिट की दो लाइन्स होंगी — एक CGST की और एक SGST की।)
-
बिष्ट जी की Pahad Packaging से इस साल की कुल परचेज़ेज़ सिर्फ़ Rs. 2 लाख हैं। क्या TDS लागू होगा? क्यों या क्यों नहीं?
-
मान लो TDS लागू नहीं। पेमेंट की GL एंट्री लिखो।
-
अब सोचो बिष्ट जी Gujarat के पैकेजिंग आपूर्तिकर्ता से खरीदें। GSTIN 24 (Gujarat का स्टेट कोड) से शुरू होता है। GST ट्रीटमेंट कैसे बदलेगा?
बोनस: अगर जूट बैग्स आएँ और 50 बैग्स फटे हुए हों, तो मीरा ERPLite में कौन सा डॉक्यूमेंट बनाएगी? इस डॉक्यूमेंट का अमाउंट गणना करो।
फ़न फ़ैक्ट
पुरानी दिल्ली की खारी बावली — जहाँ बिष्ट जी के आपूर्तिकर्ता हैं — एशिया की सबसे बड़ी होलसेल मसाला मार्केट है। ये 300 साल से ज़्यादा समय से चल रही है, मुग़ल बादशाह शाहजहाँ के ज़माने से। हर रोज़ हज़ारों टन मसाले यहाँ हाथ बदलते हैं — आंध्र प्रदेश की हल्दी, राजस्थान का जीरा, केरल की इलायची, गुंटूर की मिर्चें। इनमें से हर ट्रांज़ैक्शन में एक परचेज़ ऑर्डर, एक बिल, और एक पेमेंट शामिल है। लाखों अकाउंटिंग एंट्रीज़। लाखों GST कैलकुलेशंस। और कहीं हल्द्वानी में, मीरा ये सब दर्ज करना सीख रही है, एक-एक वाउचर करके। मसालों की दुनिया और अकाउंटिंग की दुनिया — ये हमेशा से जुड़ी रही हैं।