शुरुआत

ये किताब किसके लिए है?
तुमने अभी 10th पास किया है। शायद तुम कोई ऐसा हुनर ढूँढ रहे हो जो नौकरी दिला सके। शायद किसी ने बोला "अकाउंटिंग में स्कोप है" और तुमने सोचा — अकाउंटिंग होता क्या है?
ये किताब तुम्हारे लिए है।
कोई फ़र्क नहीं पड़ता अगर तुमने कभी कंप्यूटर नहीं खोला। कोई फ़र्क नहीं पड़ता अगर "GST" सुनकर डर लगता है। ये किताब पूरी करने के बाद तुम:
- किसी भी छोटे बिज़नेस का हिसाब-किताब रख सकोगे
- GST रिटर्न्स फ़ाइल कर सकोगे
- ERP सॉफ़्टवेयर आराम से चला सकोगे
- बुककीपर, GST प्रैक्टिशनर, या CA दफ़्तर असिस्टेंट की नौकरी के लिए अप्लाई कर सकोगे
किरदारों से मिलो
ये कोई बोरिंग टेक्स्टबुक नहीं है। ये एक कहानी है।
तुम मीरा जोशी की कहानी फ़ॉलो करोगे — बागेश्वर की 18 साल की लड़की जो हल्द्वानी में एक CA के दफ़्तर में ट्रेनी बनकर आती है। पहले दिन उसे अकाउंटिंग का 'अ' भी नहीं पता। आखिर तक वो पूरा दफ़्तर सँभालती है।
रास्ते में तुम और लोगों से भी मिलोगे:
- शर्मा सर — CA जो मीरा को सिखाते हैं। धैर्य वाले, प्रैक्टिकल, रियल-वर्ल्ड उदाहरण देने वाले।
- नेगी भैया — जूनियर अकाउंटेंट जो मीरा को डेली काम, सॉफ़्टवेयर, और शॉर्टकट्स दिखाता है।
- रावत आंटी — अल्मोड़ा में किराना दुकान चलाती हैं। मीरा की पहली असली क्लाइंट।
- बिश्त जी — होलसेल मसालों का बिज़नेस है। GST-रजिस्टर्ड, बड़े ट्रांज़ैक्शन्स। मीरा के दूसरे क्लाइंट।
- पूजा — मीरा की दोस्त जो बैंक में काम करती है। बाद में करियर विकल्प पर बात करती है।
कहानियाँ काल्पनिक हैं, लेकिन हर समस्या असली है। हर कॉन्सेप्ट मीरा की ज़िंदगी से सीखाया गया है।
किताब कैसे बँटी है
किताब के छह भाग हैं:
भाग 1: बुनियाद — अकाउंटिंग क्या है? बिज़नेस हिसाब क्यों रखते हैं? डेबिट और क्रेडिट का मतलब क्या है? अगर कुछ नहीं पता तो यहीं से शुरू करो।
भाग 2: हाथ से हिसाब — वाउचर, जर्नल, लेजर, ट्रायल बैलेंस, फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स। मीरा पहले कागज़ पर सब कुछ सीखती है।
भाग 3: कंप्यूटर पर हिसाब — मीरा उद्यमो ERPLite सीखती है — एक ERP सॉफ़्टवेयर। जो हाथ से किया, वो अब कंप्यूटर पर तेज़ी से।
भाग 4: GST — GST क्या है? कैसे कैलकुलेट करें। रिटर्न्स कैसे फ़ाइल करें। यही वो हुनर है जो नौकरी दिलाती है।
भाग 5: आगे की पढ़ाई — TDS, पेरोल, फ़िक्स्ड एसेट्स, बैंक रीकॉन्सिलिएशन। एक्स्ट्रा हुनर जो तुम्हें सबसे अलग बनाती हैं।
भाग 6: तुम्हारा करियर — ये ज्ञान तुम्हें कहाँ ले जा सकता है? पहली नौकरी कैसे पाएँ।
भाग 1 पहले पढ़ो। फिर क्रम से आगे बढ़ो। हर चैप्टर पिछले पर बना है।
एक और बात
हर चैप्टर का एक पैटर्न है:
- कहानी — मीरा को आज क्या मिला
- सबक — शर्मा सर कॉन्सेप्ट समझाते हैं
- हाथों-हाथ प्रैक्टिस — मीरा खुद करती है
- क्विक रीकैप — ज़रूरी पॉइंट्स बुलेट में
- प्रैक्टिस एक्सरसाइज़ — अब तुम करो
सिर्फ पढ़ो मत। एक्सरसाइज़ करो। मीरा ने ऐसे सीखा, और तुम भी ऐसे सीखोगे।
चलो शुरू करते हैं। आज मीरा का शर्मा सर के दफ़्तर में पहला दिन है।